Tuesday, May 22, 2018
Monday, May 21, 2018
Monday, May 14, 2018
ब्रिजमोहनजी फोफलिया यांचा ६५ वा वाढदिवस संपन्न- वाढदिवसानिमित्त मोफत डायलेसिस सुरु. अश्विनी हॉस्पिटल सोलापूर.
किडनी डायलिसिस सुविधाओं के कारण कई लोगों के लिए लिवरिस - बृजमोहन मोहन फोफ्लिया
सामूहिक विवाह का सहयोगी बृजमोहन गरीब और जरूरतमंद रोगियों जो शुक्रवार पीड़ित के गुर्दे की बीमारियों के 65 वें जन्मदिन phophaliya। संयुक्त रूप से 11 मई, 2018 से बृजमोहन phophaliya सालगिरह समिति और सह अश्विनी हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर सोलापुर नियमित किडनी डायलिसिस सेवा में नि: शुल्क किया जाएगा।
दिन शुक्रवार को शुरू होता है। 11 मई, 2018 के सह-सोलापुर साथ अश्विनी अश्विनी अस्पताल में सुबह 10.30 बजे पर। अस्पताल की कुर्सी बिपिभाई पटेल, श्रीमान रंगनाथजी बैंग, श्री। दामोदरजी दुर्गाद, श्री। वेणुगोपालजी तापडिया, साउ। इन गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में पूनम राठी उपस्थित होंगे।
किडनी क्या है? हर व्यक्ति को पता नहीं है कि गुर्दे की बीमारियों का कारण क्या है, इसके लक्षण क्या हैं। चूंकि किडनी विकार "मूक हत्यारों" हैं, इसलिए वे अक्सर अंतिम चरण में ध्यान में आते हैं। गुर्दे एक "फिल्टर" के रूप में संक्षेप में काम करते हैं। गुर्दे का काम शरीर में रक्त को साफ़ करता है और शरीर से जहरीले पदार्थों को हटाना नहीं चाहता है। गुर्दा शरीर में चार महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। गुर्दे या थकावट से पीड़ित मरीजों की आबादी का एक बड़ा हिस्सा है। इन रोगियों के पास "डायलिसिस" को छोड़कर कोई विकल्प नहीं है। Dayalesisaca खर्च एक आम ट्रान्साटलांटिक atokya पुरुषों की कमी की वजह डायलिसिस रोगियों का जीवन जीने के लिए मुश्किल नहीं है। इसे ध्यान में रखते हुए, श्री फुलफिया ने इस वर्ष इस उद्यम को जारी रखा है।
Saturday, May 5, 2018
Monday, April 23, 2018
Monday, April 9, 2018
ब्रिजधाममध्ये “स्वर उत्सव” चे आयोजन
ब्रिजधाममध्ये “स्वर उत्सव” चे आयोजन
सोलापुर : सोरेगाव येथील ब्रीजधाम आश्रमात ज्येष्ठ नागरिकांसाठी अशोक चोळळे व त्याची टीम कलाकार यांचा “स्वर उत्सव” मनोरंजनाचा कार्यक्रमाचे आयोजन करण्यात आले होते. या कर्यक्रमात नवीन व जुनी हिंदी व मराठी गीतांचा समावेश होता.
कार्यक्रमाची सुरुवात गणेश वंदना “एक दन्ताय वक्रतुंडाय” या गाण्यावर आकांक्षा वाडे हिच्या कत्थक नृत्याने करण्यात आली. त्यानंतर सुमित चोळळे यांनी “शोधीशी मानवां राहुळी मंदिरी नांदतो देव हा आपल्या अंतरी” हे सदाबहार गाणे सादर केले. “ आने से उसकी आयी बहार, जानेके उसके जाये बहार.....”, “अब मुझे रात दिन तुम्हारा ही ख्याल है क्या कहूँ प्यार में दीवानों जैसा हाल हैदीवानों जैसा हाल है तुम्हारा ही ख्याल है” सोनू निगमच्या दिवाना या अल्बमच्या गाण्यांनी ज्येष्ठ नागरिकांची मने जिंकली. “ ऐसे ना मुझे तुम देखो सीनेसे लगा लुंगा तुमको मे चुरा लुंगा....”, “ जब से तेरे नैना मेरे नैनो सें लागे, तब से दिवाना हुआ, सबसे बेगाना हुआ रब भी दिवाना लागे रें..” , “ चेहरा है या चाँद खिला है, जुल्फ घनेरी शाम है क्या, सागर जैसी आँखोवाली ये तो बता तेरा नाम है क्या....”, “ तेरा नाम है क्या ....” , “ कहना है कहना हैं आज ये तुमसे पहेली बार, तुम हि तो लई हो जीवन मे मेरे प्यार, प्यार, प्यार...”, “ वादिया मेरा दामन, रस्ते मेरी बाहे, जावो मेरे सिवा, तुम कहाँ जाओगे...” अशा अनेक सदाबहार मराठी, हिंदी, कन्नड गाणी सादर करून ज्येष्ठ नागरिकांचे मनोरंजन केले. कार्यक्रमाचे सूत्रसंचालन सुरज कोडमूर यांनी केले.
कार्यक्रमाच्या शेवटी आकांक्षा वाडे हिने शिव तांडव नृत्य कत्थक नृत्यात सादर केले. श्री.ब्रिजमोहनजी फोफलीया यांच्या हस्ते सर्व कलाकारांना भेट वस्तू देवून सत्कार करण्यात आला. आणि कार्यक्रमाची सांगता झाली. यावेळी सोलापुरातील ज्येष्ठ नागरिक मोठ्या संखेने उपस्थितीत होते.
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